माणुसकी भली| ठेव जरा अंगी|
नाव निघे जगी | सदाचारी ||
विवेक विचार | खरे शिल्पकार |
देतसे आकार | जीवनाला ||
संवेदनशील | असू द्यावे मन |
खरे तेच धन | आयुष्याचे ||
संस्कार सुरेख | घडविते मूल ||
बागेतले फूल | जणू काही ||
सदाचार ठेवा | संस्कृतीचा मेवा |
आईबाप सेवा | खरा धर्म ||
जगात कमव | इभ्रतीला जप |
करूनिया तप | विवेकाने ||
प्राणीमात्रांवर | दया हो करावी |
माणुसकी दावी | जगाचिया ||
दानधर्म करा | अतिथी म्हणून |
देवच मानून | सदाशिव ||
मुखी पांडुरंग | नाम घ्या हरीचे |
कोडे जिवनाचे | सुटेल गा ||
मिनू म्हणे आता | वाचवा हो मुली |
माणुसकी भली | खरोखर ||
मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे
जि.प.प्राथ.शाळा.कोकलगाव
ता.जि.वाशिम.
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