नुसतीच ऐटी | खोटा तो दिखावा |
जना दाखवावा | कशापायी ||
सासू सास-यांची | करे ना हो सेवा |
नुसता दिखावा | जगासाठी ||
वृध्द ते बिचारे | नाविलाज सारा |
प्रारब्ध पसारा | वाटे जणू ||
शॉपिंग मॉपींग | करी सूनबाई |
डोईजड होई | नव-यास ||
अमाप तो खर्च | उडवती पैसा |
राहती हो ऐसा | महाराणी ||
ना धाक कुणाचा | ना वचक असे |
अप्सराच दिसे | जणू काही ||
ब्युटी पार्लरचा | खर्च मोजू नका |
नादी लागू नका | सूनबाई ||
मीच हो शहाणी | टेंभा मिरवते |
अक्कल सांगते | इतरांना ||
मैत्रीणी व पार्ट्या | बंगला तो मोठा |
दाखवते खोटा | बडेजाव ||
कर्जाचा डोंगर | ऐशापाई करी |
धडकीच भरी | ऐकुनिया ||
मिनू म्हणे आता | सोड मूर्खपणा ||
तू आपलेपणा | जप बाई ||
कवयित्री
मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे
जि.प.प्राथ.शाळा.कोकलगाव
ता.जि.वाशिम
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