बैलपोळा सण | कृतज्ञता व्यक्त |
बळीराजा भक्त| सदाचिया ||
सर्जा राजा जोडी| खिल्लारी बैलाची |
ओंजळ सुखाची | भरीतसे ||
राबराबे राजा | शेतीसाठी सदा|
शेतकरी दादा | मित्र खरा ||
कष्ट करूनिया | शिवारी राबतो |
धन्याला सांगतो | आहे उभा ||
खांदा झीजवून | कष्ट उपसतो |
सारेच सोसतो धन्यापायी ||
लुप्त होत आहे | जुनी ही संस्कृती |
गायी गोठे रिती | आज सारे |
नवी यंत्र आली | बैल कमी झाली |
लोपत चालली | परंपरा ||
ट्रॅक्टरचा पोळा | डोळ्याने पाहिला |
बैल चित्रातला | शोधतील ||
कर जोडुनिया | मागणी मागतो |
वंदन करतो | सर्जाराजा ||
मिनू म्हणे आता | बैलपोळा सण ||
हे अंतःकरण | सदा ॠणी ||
कवयित्री
मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे
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