*कर्तव्य(अभंग प्रकार)*
कर्तव्य आपुले | पुर्ण करावेत |
सदा जाणिवेत | असू द्यावे ||१||
मनी देशसेवा | सदा बाळगावी |
मूल्ये ही जपावी | माणसाने ||२||
कष्टाचीच खावी | आपुली भाकरी |
कशाला रे चोरी | करतोया ||३||
कर्तव्याचे माप | मातापिता थोर |
सेवा तू ही कर | मनोभावे ||४||
भुकेला तान्हेला | कधी ओळखावा |
देव ही जाणावा | माणसात ||५||
गरीबां मदत | सढळ हाताने |
मोकळ्या मनाने | करावेत ||६||
शुद्ध आचरण | ठेव तू माणसा |
खोटा तो जलसा | कशापायी ||७||
कर्तव्याची दोर | ठेव मजबूत |
दान करावेत | कधीमधी ||८||
मानलाचा जन्म | एकदाच मिळे |
ज्याला खरे कळे | पुण्यवान ||९||
मिनू म्हणे आता | कर्तव्य चांगले |
होईल रे भले | जीवनाचे ||१०||
कवयित्री
मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे
जि.प.प्राथ.शाळा.कोकलगाव
ता.जि.वाशिम
खूप छान रचना
ReplyDeleteधन्यवाद ताई...
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