दिव्यांगाची सेवा | खरा सेवाभाव ||
समानता भाव | अंगीकारू ||१||
समता बंधुता | दिव्यांगास ठेवू |
माणुसकी दावू | दिव्यांगास ||२||
समता सप्ताह | तीन डिसेंबर |
नऊ डिसेंबर | राबवूया ||३||
यशस्वी दिव्यांग | मुलाखत घ्यावी |
प्रेरणा ही द्यावी | इतरांना ||४||
नानाविध स्पर्धा | करू आयोजन |
छान नियोजन | करू चला ||५||
दिव्यांग दिनाला | स्वागत घेऊया |
सन्मान करूया | दिव्यांगाचा ||६||
संकटावरी ते | मात करूनिया |
जिवन जगुनिया | दाखविती ||७||
ही जनजागृती | चला करूयात |
धरून हातात | हात ठेवू ||८||
प्रेम दिव्यांगाला | थोडे देऊनिया |
थोडासा विश्वास | वाढवूया ||९||
मिनू म्हणे आता | समतेन वागा |
ह्रदयात जागा | ठेवा थोडी ||१०||
कवयित्री
मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे
जि.प.प्राथ.शाळा.कोकलगाव
ता.जि.वाशिम
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