सावळा गे कृष्ण | हाती सुदर्शन|
चक्रधारी कृष्ण| कुणी म्हणे ||१||
सावळा गे हरी | रूप मनोहर
असा गिरीधर | कृष्णसखा || २||
बाललीला गोड | ब्रम्हांडनायक |
सृष्टीचा चालक | चक्रधारी ||३||
माखनचोर तो | त्याची राधा सखी |
दिसे पृथ्वी मुखी | बाळकृष्णा ||४||
दृष्टाचा संहार | कंसाचा तो काळ |
यशोदेचा बाळ ||चक्रधारी ||५||
मिरेचा तो सखा | राधेचा तो हरी |
तो कृष्ण मुरारी | गिरीधर ||६||
अधर्माशी धर्म | अर्जुनाचा सखा|
उभा पाठीराखा| सदाचिया|| ७||
देवकीनंदन| वासुदेव पिता ||
जगाचा तो दाता | चक्रधर|| ८||
राधेचा तो प्राण | राधे राधे श्याम |
करिते प्रणाम | मिनू म्हणे ||९||
कवयित्री
मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे
जि.प.प्राथ.शाळा.कोकलगाव
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