मायेचा ओलावा | आटला गे बाई |
नाही जगी आई | शोधू कुठे ||
आईची ममता | अफाट अपार |
करूणा सागर | आई असे ||
ह्रदयात जागा |नाळ जोडलेली |
कळी गर्भातली | मी गे आई ||
तुझ्या कुशीतली | उब आठवते |
भरूनिया येते | मन माझे ||
हवा होता आज | मायेचा गे हात |
असा कसा घात | केला देवा ||
नाही भेटणार | माया रे आईची |
काहीली मनाची | सोडवा गा ||
आवडली तुज | माझी प्रिय आई |
घेऊनिया जाई | तू रे देवा ||
पोरकं केलंस | आम्हां भावंडांना |
नाही वडीलांना | ठेवलास ||
मायेचा ओलावा | अटूनिया गेला |
प्रत्येक क्षणाला | आठवण ||
आईची शिदोरी | जन्मभर पुरो |
दुर्दैव रे सरो | आमुचेही ||
आई होती माझ्या | जिवनाचा साज |
हरपली आज | आई माझी ||
मिनू म्हणे आता | हरवली मुर्ती |
जगाचिया किर्ती | उरलासे ||
कवयित्री
मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे
ता.जि.वाशिम.
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