मायबाप पूजा | मायबाप सेवा
मिळेल हो मेवा जिवनात
जगी थोर आहे | मायबाप झाडं |
ते आधारवड | जीवनाचे ||
आभाळाएवढी | असे त्याची माया |
पडुनिया पाया | धन्य व्हावे ||
जिवंतपणीच | सेवा करा खूप ||
वाटते अप्रुप | जनलोकां ||
चारधाम काशी | घरातच आहे |
उघडूनिया पाहे | नेत्र तुझे ||
मायबाप पूजा | कमी ना जिवनी |
मायच धरणी | ठेव ध्यानी ||
हा जन्म लाभला | कुणामुळे आज |
जिवनाचा साज | मायबाप ||
खरे देव घरी | मायबाप देव |
ना कशाचे भेव | जीवनात ||
नकोस दुखवू | कधी मायबापा |
बघतोय बाप्पा | ठेव ध्यानी ||
आजचे जीवन | हे क्षणभंगुर |
मायबाप दूर | जाता कळे ||
सेवा कर नित्य | मायबाप श्रेष्ठ |
नको मती भ्रष्ट | करू नये ||
मायबाप सेवा | खरा परमार्थ |
जिवनास अर्थ | येई त्यांच्या |
मिनू म्हणे आता | धन्य तोच आहे |
मायबाप आहे | जीवनात ||
मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे
जि.प.प्राथमिक शाळा.कोकलगाव
ता.जि.वाशिम.








