मिनू

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Monday, March 21, 2022

काय आहे ना,...


 

कडिपत्ता


 

गुरूमहिमा (अभंग)


 

आले (कविता)

 


सोडू नये धीर

 *सोडू नये धीर(अभंग प्रकार)* १


सोडू नये धीर | कशाला फिकीर |

हिंमतीने कर | कामधंदा || १||


उगीचच चिंता | द्यावी हो सोडून ||

कंबर कसून | रहावे तू ||२||


जीवनात सदा | संकटे येतात |

निघून जातात | आले तसे ||३||


होवू नये कधी | हतबल, दुःखी |

वेळ ही सारखी | नसते रे || ४||


मेहनत खूप | करावी कसून |

जिद्द मनातून | असू द्यावी || ५||


चिकाटीने काम | सदा करायचे |

नाही हरायचे | जीवनात || ६||


अपेक्षांचे ओझे | कमी ठेवायचे |

सुखी रहायचे | जीवनात || ७ ||


संकटसमयी | सोडू नये धीर |

कशास अधीर | व्हायचे हो || ८||


सत्वपरिक्षा हो | असते जीवनी |

अश्रु का नयनी | येवू द्यावे || ९||


मिनू म्हणे सदा | सोडू नको धीर |

मन तू खंबीर | ठेव सदा || १०||


कवयित्री:- मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे

जि.प.प्राथ.शाळा.कोकलगाव

ता.जि.वाशिम

गानकोकिळा लतादिदी ( अभंग क्र२)

 *गानकोकिळा लतादिदी(अभंग क्र.२)*


तू गानसम्राज्ञी | तू गानकोकिळा |

किती गोड गळा | लतादिदी ||१||


भारताची शान | तुझा अभिमान |

देशभक्ती गान | गायिले तू ||२||


नैसर्गिक दान | सुंदर ती भेट |

भारतास थेट | मिळाली तू ||३||


सर्वोत्कृष्ट दीदी | तूच गे गायिका |

सुरांची नायिका | लतादिदी ||४||


सुगम संगीत | खेळे पदरात |

कंठ संगितात | येत असे ||५||


पाचही भावंडे | गायनाचा छंद |

संगीतात धुंद | रात्रंदिन ||६||


दिनानाथ गुरु | वडील गायक |

संगिताचा नायक | ख्याती असे ||७||


भारतरत्न तू | संगिताचे राग |

आयुष्याचा त्याग | लतादिदी ||८||


नियतीचा डाव | हरपली मुर्ती ||

जगात गे किर्ती | पसरली ||९||


मिनु म्हणे आज |अर्पू श्रद्धांजली |

ही सुमनांजली | लतादिदी ||१०||


*मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे*

*जि.प.प्राथ.शाळा.कोकलगाव*

*ता.जि.वाशिम.*

माझा बाळीराजा (अभंग क्र.४)

 माझा बळीराजा (अभंग क्र.४)


राबराब राबी | माझा बळीराजा ||

कोणती ही सजा | उपभोगी || १||


 हवालदिल रे | जगाचा पोशिंदा ||

नाही भाव कांदा | चिंतातूर || २||


शेतकरी राजा | पिकेना रे शेती ||

काळी काळी माती | माझी माय ||३||


अवर्षण यंदा | काडीमोल भाव ||

सांगा कुठं जाव | शेतकरी ||४||


महागाई खूप | बियाणे महाग|

कसा काढू राग | सांग गड्या ||५||


यंदा हो लगीन | थोरली ही पोरं |

लागला हो घोर | जिवा माझ्या ||६||


कसं उजवावं | का कर्ज फेडावं ||

कसं रे जगावं | कळेनाच ||७||


शासनाला जाग | कधी रे येईल ||

 निल रे होईल | कर्ज सारं ||८||


ऐक पांडुरंगा | बळीची रे हाक||

संसाराच चाक | फिरव गा ||९||


मिनू म्हणे आता | पिकू दे शिवार ||

उचल हा भार | पांडुरंगा ||१०||


मिनाक्षी पांडुरंग नागराळे

जि.प.प्राथ.शाळा.कोकलगाव

ता.जि.वाशिम

मिनाक्षी नागराळे यांच्या वत्सगुल्मी काव्यसंग्रहाचे आंबेडकरी साहित्य संमेलनामध्ये प्रकाशन

 मिनाक्षी नागराळे (महाराष्ट्र राज्य शासन आदर्श शिक्षिका पुरस्कृत) यांच्या 'वत्सगुल्मी' संपादीत काव्यसंग्रहाचे प्रज्ञा सा...